स्विस राष्ट्रपति ने TEPA को भारत और स्विट्ज़रलैंड के लिए 'विन-विन' बताया

स्विस कन्फेडरेशन के राष्ट्रपति गाय पार्मेलिन ने भारत-EFTA व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौते (TEPA) को एक परिवर्तनकारी "विन-विन" मॉडल बताते हुए इसकी सराहना की है और भविष्यवाणी की है कि यह दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार और दीर्घकालिक आर्थिक तालमेल को बड़े पैमाने पर बढ़ाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल वार्ता के बाद नई दिल्ली में बोलते हुए राष्ट्रपति पार्मेलिन ने इस ऐतिहासिक समझौते पर ज़बरदस्त भरोसा जताया। समझौते के लागू होने की पहली वर्षगांठ पर स्विस नेता ने कहा कि कंपनियों की रुचि में पहले ही "बेहद मज़बूत" उछाल देखा गया है, जो इस ऐतिहासिक आर्थिक साझेदारी की दमदार शुरुआत का संकेत है।
संरचनात्मक आर्थिक विकास की नींव
राष्ट्रपति पार्मेलिन ने ज़ोर देकर कहा कि TEPA सिर्फ आयात-निर्यात शुल्क घटाने तक सीमित नहीं है; इसे एक गहरा और अधिक स्थायी आर्थिक संबंध बनाने के लिए तैयार किया गया है। उन्होंने रेखांकित किया कि यह समझौता टिकाऊ विकास, रोज़गार सृजन और पूंजी के स्थिर प्रवाह के लिए उत्प्रेरक का काम करता है।
"मैं समझौते के क्रियान्वयन का बहुत सकारात्मक आकलन करता हूं। लागू होने के बाद से TEPA में कंपनियों की रुचि बेहद मज़बूत रही है," पार्मेलिन ने कहा। उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच का तालमेल अनोखा है: "स्विट्ज़रलैंड वैश्विक पहुंच, विशेष तकनीकों, मज़बूत नवाचार क्षमताओं और निवेश के प्रति दीर्घकालिक दृष्टिकोण वाली कंपनियों का घर है। भारत में बड़े पैमाने के साथ एक गतिशील अर्थव्यवस्था, अत्यधिक कुशल कार्यबल और वैश्विक वैल्यू चेन में लगातार अहम होती भूमिका का मेल है।"
मोदी का विज़न: 100 अरब डॉलर का निवेश और 10 लाख नौकरियां
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी यही आशावाद दोहराया और TEPA—यूरोप के किसी आर्थिक समूह के साथ भारत द्वारा हस्ताक्षरित पहला मुक्त व्यापार समझौता (FTA)—को साझा समृद्धि का एक महत्वाकांक्षी खाका बताया। इस समझौते में यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (EFTA) शामिल है, जिसमें स्विट्ज़रलैंड, नॉर्वे, आइसलैंड और लिकटेंस्टीन हैं।
प्रधानमंत्री ने इस साझेदारी से संचालित एक विशाल आर्थिक रोडमैप पेश किया। "इसके साथ, हम अगले 15 वर्षों में भारत में 100 अरब डॉलर का निवेश और 10 लाख प्रत्यक्ष नौकरियां हासिल करेंगे," मोदी ने घोषणा की।
बाज़ार पहुंच और क्षेत्रवार विकास का विस्तार
प्रधानमंत्री ने व्यावसायिक जुड़ाव बढ़ाने की खास रणनीतियों का ब्योरा दिया, जो दो प्रमुख दिशाओं पर केंद्रित हैं:
- भारतीय निर्यात को बढ़ावा: स्विट्ज़रलैंड को भारतीय कृषि उत्पादों, फार्मास्युटिकल्स, कपड़ा और इंजीनियरिंग सामान का निर्यात बढ़ाने के प्रयास जारी हैं।
- स्विस निवेश आकर्षित करना: भारत का लक्ष्य बायोटेक्नोलॉजी, लाइफ साइंसेज़, बैंकिंग, बीमा, फूड प्रोसेसिंग और सस्टेनेबिलिटी सहित अहम क्षेत्रों में स्विस पूंजी लाना है।
TEPA तेज़ी से यूरोप के साथ भारत की व्यापक व्यापार रणनीति की आधारशिला बन गया है, जिसका खास उद्देश्य भारत के तेज़ी से बढ़ते मैन्युफैक्चरिंग और सेवा क्षेत्रों में टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और उच्च-मूल्य वाले औद्योगिक निवेश को बढ़ाना है।